Welcome to D Hindustan News   Click to listen highlighted text! Welcome to D Hindustan News
Uncategorized

पूर्व विधायक पूज्यनीय स्व. यदुनाथ सिंह पटेल: एक युग पुरुष, जिनके विचार आज भी ज़माना बदल रहे हैं

आज, 6 जुलाई 2026 को पूज्यनीय पिता जी श्री यदुनाथ सिंह पटेल (पूर्व विधायक चुनार) की 81वीं जयंती है। वे इस धरती पर भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और समर्पण की ज्योति आज भी अनगिनत जनमानस के मानस पटल पर जीवित है। जैसा कि उनका एक प्रेरणादायक विचार — “मैं ज़माना बदल रहा हूं, साथ में तू ज़माना बदल " सभी जनमानस के मानस पटल पर जीवित है, यह वाक्य उनके पूरे जीवन दर्शन को समेटे हुए है। संघर्ष से उभरा एक क्रांतिकारी जीवन:- मिर्ज़ापुर जिले के चुनार क्षेत्र के नियामतपुर कलां गांव के मूल निवासी धनंजय सिंह के पिता जी श्री यदुनाथ सिंह पटेल जी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। गरीबी और अन्याय को करीब से देखने वाले इस युवक ने छात्र जीवन से ही क्रांतिकारी विचारों को अपनाया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान वे छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए और विज्ञान वर्ग के छात्रसंघ महामंत्री भी चुने गए। उनका राजनीतिक सफर 1977 में शुरू हुआ, जब उन्होंने मुगलसराय से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। हालांकि हार हुई, लेकिन इससे उनकी जुझारू भावना और प्रखर हुई। तत्पश्चात देश में लागू आपातकाल के विरोध स्वरूप 19 माह की मीसा बंदी के बाद किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह से प्रेरणा लेकर 1980 में उन्होंने चुनार से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद 1985 (लोकदल), 1989 और 1991 (जनतादल) में लगातार चार बार चुनार विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। वे जनतादल (अ) के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और जनसेवा का प्रतीक था। वे “शेरे विधायक” के नाम से प्रसिद्ध थे — विधानसभा में निडर आवाज़ उठाने वाले, अन्याय के खिलाफ बिना झिझके बोलने वाले। चुनार की राजनीति को “मिनी बागपत” का नाम दिलाने वाले पिता जी आदरणीय श्री यदुनाथ सिंह ने हमेशा गरीब, किसान और आम जनता के हितों के लिए संघर्ष किया। “तू ज़माना बदल” — विचार जो आज भी प्रासंगिक उनकी जीवनी पर आधारित पुस्तक “तू ज़माना बदल” उनके जीवन दर्शन का सार है। यह सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि एक संदेश है — कि व्यक्ति चाहे कितना भी छोटा हो, अगर उसके विचार साफ और उद्देश्य उच्च हों, तो वह पूरे युग को बदल सकता है। पूज्यनीय पिता जी श्री यदुनाथ सिंह का मानना था कि: - अन्याय के खिलाफ खड़े होना हर नागरिक का कर्तव्य है। - सादगी और ईमानदारी ही सच्ची राजनीति का आधार होनी चाहिए। - जनता की सेवा में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। - शिक्षा, छात्र आंदोलन और युवा शक्ति को समाज परिवर्तन का माध्यम बनाना चाहिए। आज के समय में, जब राजनीति अक्सर सत्ता और स्वार्थ की हो जाती है, उनके विचार हमें याद दिलाते हैं कि सच्चा नेता वह होता है जो जनता की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझे और बिना डरे उसके लिए लड़ाई लड़े। 31 मई 2020 में उनका निधन हुआ, लेकिन उनके प्रेरणादायक विचार और जनहित के कार्य आज भी अमिट छाप के रूप में एक किंवदंती बनकर सभी के मानस पटल पर जीवित है l मैं उनका पुत्र धनंजय सिंह और परिवार के साथ पूरा चुनार और मिर्ज़ापुर क्षेत्र उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेता है। वे न सिर्फ एक विधायक थे, बल्कि एक प्रेरणा स्रोत, एक शिक्षक और एक सच्चे समाज सुधारक थे। पूज्यनीय पिता जी श्री यदुनाथ सिंह पटेल जी की 81वीं जयंती पर हम सब उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके विचार हमें प्रेरित करें कि हम भी “ज़माना बदलने” की राह पर चलें — ईमानदारी से, समर्पण से और जनहित से। ' तू ज़माना बदल... ' यह नारा अब सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। आपके विचार अमर हैं, बाबू जी। आप सदैव हमारे साथ हैं।

पूज्यनीय स्व. यदुनाथ सिंह

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!